गालीबाज़ मैडम और टेम्पो का काण्ड" (60 Seconds)
पात्र:
- बुधन: ड्राइवर (चतुर)
- मैडम: देहाती और तेज़-तर्रार महिला
- लल्लू: मनचला सवारी
[00-10 सेकंड] सीन 1: सीट की लड़ाई
(टेम्पो खड़ा है, मैडम शान से बैठी हैं। लल्लू अंदर घुसने की कोशिश करता है और मैडम के पैर से सट जाता है)
- लल्लू: "मैडम, थोड़ा खिसकिए न, एक ही गांड़ (कूल्हा) टिक रहा है सीट पे!"
- मैडम: "अबे साले! खिसक के कहाँ पाताल में घुस जाएँ? आँख फूटा है का रे? दिख नहीं रहा जगह नहीं है? ज़्यादा चरबी चढ़ा है तो बोल, अभी चप्पल से झाड़ देते हैं!"
[10-25 सेकंड] सीन 2: मोबाइल काण्ड
(गाड़ी चल रही है। लल्लू पीछे झुककर मोबाइल में कुछ देख रहा है। बुधन शीशे में देखता है)
- बुधन: "अरे मैडम! पीछे देखिए, ये लड़का मोबाइल में का गंदा-मंदा देख रहा है!"
- मैडम (पीछे मुड़कर): "अबे रंडी के बच्चे! शर्म-हया बेच खाए हो का रे? ई टेम्पो है कि तोहार सुहागरात का कमरा? अगर दोबारा मोबाइल दिखा, तो यही मोबाइल तोहार गांड़ में घुसा के 'वाइब्रेट' पे डाल देंगे! समझा कि समझाएँ?"
[25-40 सेकंड] सीन 3: पैर छूने का ड्रामा
(लल्लू डर के मारे मोबाइल जेब में रखता है और हाथ मैडम के घुटने के पास लग जाता है)
- मैडम (भड़क कर): "यू मादरचोद! हाथ कहाँ लगा रहा है रे? डोंट टच मी! ई टांग सिर्फ हमार होने वाला पति सहलाएगा। तूने छुआ तो तेरा हाथ काट के कुत्तों को खिला दूंगी, समझा?"
- लल्लू: "अरे मैडम, वो तो बस मक्खी उड़ा रहे थे..."
- मैडम: "मक्खी उड़ा रहा था कि नीयत डोल रहा था? बुधन! गाड़ी रोक, इस साले का आज यहीं ऑपरेशन करेंगे!"
[40-60 सेकंड] सीन 4: गुटखा और क्लाइमेक्स
(बुधन खिड़की से गुटखा थूकता है और वो मैडम की साड़ी पर गिर जाता है)
- मैडम: "अरे बाप रे! अबे ओ बुधन के लौंडे! ये क्या किया? मेरी नई साड़ी लाल कर दी!"
- बुधन: "अरे मैडम, गलती से हो गया..."
- मैडम: "गलती तेरा बाप करे! अब ये पूरा थूक चाट के साफ़ कर, नहीं तो तोहार टेम्पो यहीं रोड पे पलट के आग लगा देंगे! साले सब के सब छिनार भरे हैं इस गाड़ी में!" (मैडम लल्लू को एक थप्पड़ मारती है और उतर जाती है)
गालीबाज़ मैडम और टेम्पो Shorts
Reviewed by Funny Script
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March 05, 2026
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