टेम्पो वाली चाची

 

वीडियो का शीर्षक: "टेम्पो वाली चाची और आवारा लल्लू" (फुल धमाका)

(सीन: टेम्पो सड़क पर हिचकोले खा रहा है। मैडम अपनी भारी-भरकम साड़ी संभाले बैठी हैं और लल्लू बंदर की तरह किनारे पर लटका है।)

दृश्य 1: "जगह की छीना-झपटी"

लल्लू: (अंदर की तरफ जोर लगाते हुए) अरे मैडम, थोड़ा कूल्हा इधर खिसकाइए न! हमारे पिछवाड़े का एक हिस्सा बाहर हवा में झूल रहा है, लग रहा है सड़क से रगड़ खा के छिल जाएगा!

मैडम: (आंखें बड़ी करके) अबे ओए! ई 'पिछवाड़ा-पिछवाड़ा' क्या लगा रखा है रे? इतनी चर्बी चढ़ी है तो ज़मीन पे घिसट के जा! यहाँ जगह नहीं है, यहाँ मेरी इज़्ज़त का सवाल है। तू तो ऐसे सट रहा है जैसे हम तोहार ब्याहता मेहरारू (पत्नी) हों!

लल्लू: अरे मैडम, आप तो सीधा सुहागरात पे पहुँच जाती हैं! हम तो बस थोड़ा सा 'टच' होने की बात कर रहे थे।

मैडम: (हाथ नचाते हुए) अबे ओ मादर... के पोते! टच होगा तू? ई टेम्पो है कि तोहार 'डेटिंग ऐप' है? ज़्यादा टच होने का शौक़ है तो जाके बिजली के नंगे तार को छू ले, ऐसा टच होगा कि सात पुश्तें थरथराएंगी!

बुधन (ड्राइवर): अरे मैडम, बच्चा है, एडजस्ट कर लीजिए... थोड़ा आप गोदी में बैठा लीजिए इसको!

मैडम: (बुधन को थप्पड़ दिखाने का इशारा) अबे ओ बुधन! तू गाड़ी चला रहा है कि दलाली कर रहा है? इसे गोदी में बैठाऊँ? ई साला पूरा 'छिनार' (बदमाश) है। अगर ये दोबारा मेरे पास सटा, तो इसकी टाँगें चीर के इसी के गले में गमछे की तरह लपेट दूंगी!

दृश्य 2: "मोबाइल और वाइब्रेशन का कांड"

(मैडम के कंधे के पास लल्लू अपना चेहरा ले जाकर फोन चला रहा है। फोन से तेज़ 'छलकाए गगरी' गाना बज रहा है।)

मैडम: (झल्लाकर) ओए! ई क्या कान के पास 'छलकाए गगरी' बजा रहा है? और ई मोबाइल मेरे कंधे पे क्यों घिस रहा है? इसमें क्या देख रहा है रे?

लल्लू: (दाँत चियारते हुए) मैडम, वो रील देख रहे थे... 'कच्चा बादाम' वाला डांस! देखिए न, कितनी पतली कमर है इसकी!

मैडम: (मोबाइल झपट्टा मारकर छीन लेती है) पतली कमर देखेगा? अपनी माँ-बहन के सामने भी यही गाना बजाता है क्या रे? यहाँ शरीफ औरत बैठी है और तू यहाँ अपनी 'हवस' की रील चला रहा है?

लल्लू: अरे मैडम, वाइब्रेशन मोड पे था फोन, बस थोड़ा सा सट गया...

मैडम: (चीख कर) वाइब्रेशन? साले, अगर दोबारा तेरा ये डब्बा मेरे बदन के पास दिखा, तो यही मोबाइल तेरी गांड़ में घुसा के 'फुल वाइब्रेशन' पे डाल दूंगी! फिर तू सड़क पे ऐसे नाचेगा कि लोग समझेंगे तोहार अंदर भूत घुस गया है! पूरा दिन थर-थराते फिरेगा, समझा?

दृश्य 3: "गुटखा-ए-बनारस" (क्लाइमेक्स)

(बुधन ड्राइवर खिड़की से बाहर मुँह निकालकर तेज़ पिचकारी छोड़ता है। लाल थूक उड़कर मैडम के मुँह और साड़ी के पल्लू पर गिरता है।)

मैडम: (सन्नाटा... फिर महा-विस्फोट) अई ई ई ई! मर गया रे! अरे ओ रंडी के जने! बुधन के लौंडे! ये क्या किया तूने? मेरी 2000 की साड़ी और मेरा पूरा चेहरा लाल कर दिया! साले, तू ड्राइवर है कि थूकने वाला सांड है?

बुधन: (सकपका कर) अरे मैडम... वो... हवा का झोंका उल्टा घूम गया। मेरा प्रेशर तो सही था!

मैडम: (पागल होकर) हवा का झोंका? साले साले अधर्मी! तमीज़ नहीं है थूकने की? तेरी पूरी पुश्तें इसी थूक में पैदा हुई हैं क्या? मेरी नई साड़ी का सत्यानाश कर दिया!

लल्लू: (मजे लेते हुए जोर-जोर से हँसता है) ओ हो हो! मैडम, अब तो आप एकदम 'खून-भरी माँग' वाली रेखा लग रही हैं! क्या ज़बरदस्त मेकअप हुआ है!

मैडम: (लल्लू का कॉलर पकड़कर उसे एक ज़ोरदार तमाचा मारती है - चटाक!) अबे ओए! तू काहे दाँत चियार रहा है? बहुत मज़ा आ रहा है? अब सुन, या तो तू ये पूरा थूक अपनी जीभ से चाट के साफ़ करेगा, नहीं तो तोहार भी मुँह इसी 'लाल ज़हर' से रंग दूंगी!

बुधन: मैडम, माफ़ कर दीजिए, अगली बार संभल के थूकूँगा...

मैडम: (अपना भारी पर्स बुधन के सिर पर दे मारती है) माफ़ तेरा बाप करे! गाड़ी रोक! अभी के अभी रोक! आज इस टेम्पो में आग लगा दूंगी! तुम सब के सब हरामखोर हो! (सवारी से कहती हैं) ओए! सब उतरो! आज इस टेम्पो का अंतिम संस्कार होगा!

दृश्य अंत: मैडम सड़क पर उतरकर चप्पल निकाल लेती हैं, बुधन और लल्लू जान बचाकर खेत की तरफ भागते हैं। पीछे से मैडम गालियाँ देती हुई पत्थर फेंक रही हैं।

टेम्पो वाली चाची टेम्पो वाली चाची Reviewed by Funny Script on March 05, 2026 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.